तमाशा

कौन जीता है आजकल, किसी और के लिए,
हमने यहाँ रोज, मोहब्बत के तमाशे देखे हैं।

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कर लो मोहब्बत

की दुनिया में आये हो तो,
एक बार मोहब्बत जरूर करना,
खुद के लिए तो उम्र भर जीते हो,
कुछ उम्र किसी और के नाम कर देखना,

एक नशा है ये जिंदगी का,
बिन इसके जिए तो क्या किये,
दो पल की तो जिंदगी है,
एक पल जी लो किसी और के लिए।

तुम्हारी मोहब्बत

तुम्हारी मोहब्बत में कुछ तो बात है,
तुमसे दूर होकर भी तुम्हारा साथ है,
अकेला हूँ, पर अकेलापन महसूस नहीं होता,
पास नहीं, पर यादों में हरदम साथ है,

ये जो फासलें हैं हमारे दरमियान,
वक़्त के साथ जल्द ही मिट जाएंगे,
वो पल वो शमाँ कुछ और होगा,
होंगे रूबरू और बाहों में सिमट जाएंगे,