जब मिलेंगे

चाँदनी में लिपटी जमीं होगी,
तारों से सजा आसमाँ होगा,
रंग बिरंगी बत्तियाँ रौशन होगी,
खुशबू में नहाया शमाँ होगा,
 
कुछ कदम थिरकेंगे ख़ुशी में,
मधुर गीतोँ का चित्रहार होगा,
आँखों में चाहत के जुगनू चमकेंगे,
जब उनका सामने से दीदार होगा,
 
आँखों से आँखें मिलेंगी,
बिन कहे बातों का इजहार होगा,
बंध जाएंगे जन्मों के बंधन में,
जब मंगल मंत्रों का उच्चार होगा,
 
दूल्हा दुल्हन होंगे हम,
वादों और कसमों का साथ होगा,
कुछ ऐसा होगा शमाँ,
जब मेरे हाथों में उनका हाथ होगा।
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संगिनी

एक नाम थी, अब आवाज है,
तस्वीरों में उनका दीदार हुआ,
लोग मिलने को तरसते हैं,
हमें तो ऐसे ही प्यार हुआ।