तुम्हारी मोहब्बत

तुम्हारी मोहब्बत में कुछ तो बात है,
तुमसे दूर होकर भी तुम्हारा साथ है,
अकेला हूँ, पर अकेलापन महसूस नहीं होता,
पास नहीं, पर यादों में हरदम साथ है,

ये जो फासलें हैं हमारे दरमियान,
वक़्त के साथ जल्द ही मिट जाएंगे,
वो पल वो शमाँ कुछ और होगा,
होंगे रूबरू और बाहों में सिमट जाएंगे,

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