कागज़ और स्याही | Kaagaj aur Syaahi

मैं कोरा था,
तुम रंगीन थी,
जब मिले हम दोनों,
दामन मेरा रंग गया,
तुम खर्च होती गयी,
मैं निखरता चला गया,
अंत में ना मैं, मैं रहा,
ना तुम, तुम रही,
मैं बदल सा गया,
तुम पूरी खर्च हो गयी,
अपना अलग कोई वजूद न रहा,
बस हम दोनों की तासीर रह गयी,
और मेरे दामन पर बिखरे,
तुम्हारे रंगों की तस्वीर रह गयी।

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In Hinglish

main kora tha,
tum rangeen thi,
jab mile ham dono,
daaman mera rang gaya,
tum kharch hoti gayi,
main nikharta chala gaya,
ant me naa main, main raha,
naa tum, tum rahi,
main badal sa gaya,
tum puri kharch ho gai,
apna alag koi vajood na raha,
bas ham dono ki taaseer rah gayi,
aur mere daaman par bikhre,
tumhaare rangon ki tasveer rah gayi.

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Note: Taaseer means ‘Impression’.

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प्यार का मौसम | Pyar Ka Mousam

अक्सर मुस्काता रहता हूँ, जब से तुमको पाया है,
तेरे साथ होने से, मेरे होने का अर्थ समझ आया है,
पल पल तेरे प्यार में जी के, तुम पर मरना आया है,
इश्क़ की रंगीन बरसात लिए, जब से ये मौसम आया है।

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in HINGLISH:

aksar muskaata rahta hun, jabse tumko paya hai,
tere saath hone se, mere hone ka arth samjh aaya hai,
pal pal tere pyar me jeeke, tum par marna aaya hai,
ishq ki rangeen barsaat liye, jab se ye mousam aaya hai.

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तमाशा

कौन जीता है आजकल, किसी और के लिए,
हमने यहाँ रोज, मोहब्बत के तमाशे देखे हैं।

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इल्म

उन्हें ये इल्म है की हम उनसे मोहब्बत करते हैं,
वर्ना यूँ रोज, झरोखे से हमें निहारा नहीं करती।

इल्म