तमाशा

कौन जीता है आजकल, किसी और के लिए,
हमने यहाँ रोज, मोहब्बत के तमाशे देखे हैं।

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इल्म

उन्हें ये इल्म है की हम उनसे मोहब्बत करते हैं,
वर्ना यूँ रोज, झरोखे से हमें निहारा नहीं करती।