अवन्ति-एक प्रेम कहानी (दृश्य ९ – दशमी – शाम)

दोपहर को खाना खाने के बाद मैं लेट गया था, पर नींद ही नहीं आयी। नींद नहीं आने का कारण शायद अवन्ति थी, शाम को उसकी मम्मी ने बुलाया था और मैं लेट नहीं होना चाहता था। अवन्ति की माँ के ऊपर मैं एक अच्छी छाप छोड़ना चाहता था। इसीलिए जैसे ही घड़ी की सुई ने पाँच बजाया, मैं झटपट तैयार होकर, अच्छी सी खुशबु वाली परफ्यूम लगा के अगले ही पल अवन्ति के घर के दरवाजे पर खड़ा घण्टी बजा रहा था।